हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ओयून अखबार अल रज़ा किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
قال الامام الحسین علیه السلام:
«مَا کُنّا نَعْرِفُ الْمُنَافِقِینَ عَلَی عَهْدِ رَسُولِ اللّهِ (ص) إِلا بِبُغْضِهِمْ عَلِیّاً وَ وُلْدَهُ».
इमाम हुसैन (अ) ने फ़रमायाः
हम रसूल अल्लाह (स) के जीवन काल मे पाखंडीयो को हज़रत अली (अ) और उनकी संतान की दुशमनी से पहचानते थे।
ओयून अखबार अल रज़ा, भाग 2, पेज 72, हदीस 305
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